पानी पूरी बेचने से लेकर विरोधियों को पानी मंगवाने तक का सफ़र इस लड़के ने तय किया है। 

इस लड़के का नाम है यशस्वी जायसवाल। कोई भी फॉर्मेट हो, कोई भी जगह हो शतक तो मार ही देगा। आज इस बन्दे ने 200 मार दिया। यह लड़का देश की क्रिकेट का भविष्य है।

मात्र 10 वर्ष की उम्र में ही यशस्वी जायसवाल क्रिकेटर बनने के लिए उत्तर प्रदेश से मुंबई के लिए निकल गए थे और वहाँ वो कुछ दिन अपने चाचा के पास रहे। उनके चाचा दादर में रहते थे, यशस्वी को रोज यात्रा करने में घंटों लग जाते थे।  

 इसके बाद मात्र 11 वर्ष की उम्र में उन्होंने एक डेयरी की दुकान में काम करना शुरू कर दिया, बदले में उन्हें रहने के लिए जगह मिली। हालाँकि, डेयरी मालिक ने उन्हें निकाल दिया।

फिर वो ‘मुस्लिम यूनाइटेड क्लब’ के ग्राउंडस्टाफ के टेंट में आज़ाद मैदान में रहने लगे। परिवार द्वारा वापस बुलाए जाने के बावजूद उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा। 3 साल वो टेंट में ही रहे। कोच ज्वाला सिंह को उन्होंने प्रभावित किया। ज्वाला खुद यूपी से मुंबई आए थे, ऐसे में उन्होंने प्रतिभा और संघर्ष को पहचाना।

यशस्वी जायसवाल स्ट्रीट फ़ूड बेचने वालों का भी हाथ बँटाते थे। लेकिन, उनका ध्यान क्रिकेट पर ही था। इसके बाद यशस्वी जायसवाल अपनी मेहनत के दम पर मुंबई अंडर 19 क्रिकेट का हिस्सा बने। 

मात्र 17 वर्षों की उम्र में घेरलू क्रिकेट में डेब्यू किया। इस तरह एक ग्राउंड कर्मचारी के टेंट से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर तय किया और विश्व स्तर पर नाम कमाया

T 20 में ऐसी खौफनाक गेंबाजी , सदमे में आ गए बल्लेबाज विरोधी टीम मातम में?