Honey badger को मधुमक्खियां क्यों नहीं कटती 

Honey Badger की त्वचा बहुत मोटी और ढीली होती है, जो उसे मधुमक्खी के डंक से बचाती है। डंक त्वचा में पूरी तरह से प्रवेश नहीं कर पाता है और ज़्यादा दर्द नहीं होता है। 

Honey Badger के शरीर पर घने बाल होते हैं जो मधुमक्खी के डंक को त्वचा तक पहुंचने से रोकते हैं। 

Honey Badger की त्वचा के नीचे चर्बी की एक मोटी परत होती है जो डंक से होने वाले दर्द और सूजन को कम करती है। 

Honey Badger दर्द को सहन करने में बहुत सक्षम होता है। मधुमक्खी के डंक से होने वाला दर्द उसे ज़्यादा परेशान नहीं करता है। 

Honey Badger मधुमक्खियों पर हमला करने में डरता नहीं है। डंक मारने पर वो मधुमक्खियों को भगा देता है। 

Honey Badger बचपन से ही मधुमक्खियों के डंक का सामना करता है, जिसके कारण वो डंक से होने वाले दर्द और सूजन को सहन करना सीख जाता है। 

Honey Badger मधुमक्खियों के छत्ते पर हमला करते समय अपनी मोटी त्वचा और फर का इस्तेमाल ढाल की तरह करता है। 

Honey Badger की त्वचा में कुछ ऐसे रसायन होते हैं जो मधुमक्खियों को डंक मारने से रोकते हैं। 

Honey Badger आमतौर पर उन मधुमक्खियों के छत्ते पर हमला नहीं करता है जो शांत होती हैं। 

Honey Badger मधुमक्खियों के छत्ते से केवल शहद और लार्वा खाता है, मधुमक्खियों को नहीं।