आपने कभी सोचा है, आखिर परिक्रमा क्यों लगाए जाते हैं ; क्या होते हैं इसके लाभ

मंदिर में प्रवेश करने के बाद भक्त देवी-देवताओं की मूर्ति या प्रतिमा के चारों ओर घूमते हैं, जिसे परिक्रमा कहा जाता है।

भगवान के प्रति समर्पण: परिक्रमा भगवान के प्रति समर्पण और सम्मान का प्रतीक है।

पापों का नाश: मान्यता है कि परिक्रमा करने से पापों का नाश होता है और मन शुद्ध होता है।

आध्यात्मिक उन्नति: परिक्रमा से एकाग्रता और आत्म-जागरूकता बढ़ती है, जो आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होती है।

देवी-देवताओं का आशीर्वाद: परिक्रमा करने से भक्तों को देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मंदिरों में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। परिक्रमा करने से यह ऊर्जा शरीर में प्रवेश करती है, जिससे मन और शरीर को शांति मिलती है।

परिक्रमा करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

परिक्रमा करने से एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है।

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